मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सतना दौरे में उद्योग, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और संगठनात्मक मजबूती पर जोर देखने को मिला। 652 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात, एमएसएमई सेक्टर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की घोषणा और 650 बिस्तरीय अस्पताल भवन का भूमिपूजन इस दौरे की प्रमुख उपलब्धियां रहीं।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विंध्य व्यापार मेले को सतना की विशेष पहचान बताया। उन्होंने कहा कि व्यापार के विस्तार से विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति आएगी। मेले के 12वें दिन सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधियों ने विकास, सिंचाई, सड़क, पर्यटन और हवाई सेवाओं को लेकर अहम बातें रखीं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सतना में 4449 लाख रुपये से अधिक के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। इनमें सड़कें, सामुदायिक भवन, कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्र और आईटी सेंटर शामिल हैं। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी रहेंगे मौजूद।
रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने सतना नगर निगम की विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में धीमी प्रगति और लक्ष्य से कम हाउस कनेक्शन पर नाराजगी जताई। सीवर लाइन, कचरा प्रबंधन और आवास योजनाओं सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सतना में महज तीन इंच बारिश से ही घरों और दुकानों में पानी घुस गया। स्मार्ट सिटी की नाकामी और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलता यह हाल।
गड़बड़ी छिपाने में लीपापोती: सतना में सीवर लाइन और नारायण तालाब सौंदर्यीकरण में घटिया काम उजागर
सतना ज़िले की ग्राम पंचायत बम्हौरी आज भी 2008-09 में मंजूर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का लाभ नहीं पा सकी। रिकॉर्ड में 2.4 किमी का मार्ग दर्ज है--लेकिन ठेकेदार ने 4.8 किमी सड़क लखनवाह से घोरकाट तक बना दी और घोरकाट को ही ‘बम्हौरी’ बताकर बोर्ड लगा दिया।
महज 26.7 मिमी बारिश में सतना स्मार्ट सिटी में जलभराव और तबाही, सैकड़ों लोगों के घरों में घुसा पानी, खुली नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही की पोल। वार्डवासी नाराज होकर सड़कों पर उतरे, किया विरोध प्रदर्शन।




















